भगत सिंह और उनकी अधूरी क्रांति
तो आज भगत सिंह का जन्मदिन है.. बहुत सारे लोग अपनी डीपी और स्टेटस में भगत सिंह की फ़ोटो लगाएंगे.. क्योंकि वो सोचते हैं भगतसिंह एक उग्र क्रांतिकारी थे और उन्होंने आज़ादी के लिए जान दी थी.. पर क्या सच में उन्होंने सोचा था कि फांसी पर चढ़ूंगा तो अंग्रेज़ आज़ाद कर देंगे?? देश सुखी और सम्पन्न होगा?? क्या इतना ही मकसद था उनका अपनी जान न्यौछावर करने का... नहीं .. बिल्कुल नही.. उनके फांसी पर चढ़ने का उनका मकसद आज भी अधूरा है.... आज के युवा जिनमें भगत सिंह क्रांति की आग पैदा करना चाहते थे ताकि इस देश का हित हो किसी के साथ अन्याय न हो सबको बराबरी का हक मिले.. उन युवाओं के पास TikTok पर वीडियो बनाने के लिए तो समय है..Instagram.. Facebook .. पर बेमतलब अतार्किक समाजविरोधी जनविरोधी शांतिविरोधी और उत्तेजना में लोगो को गालियां देने का तो पर्याप्त समय है पर भगतसिंह सिंह जैसे महान गंभीर विचारकों के लिए समय नही है इस ब्लॉग को भी शायद ही कोई पूरा पढ़े क्योंकि ये बहुत पकाऊ है इतिहास पर गौर करने की हिम्मत नही है क्योंकि इतिहास उनकी विचारधारा के खिलाफ भी हो सकता है जो कि पसन्द नही आएगा वो मज़ा नही देगा जो उत्तेजन...